Key takeaways
What this article covers, in order:
- पहले, HSN और SAC में फ़र्क क्या है?
- मुझे कितने अंक रिपोर्ट करने हैं?
- B2B और B2C टैब से क्या बदला?
- हर कॉलम में क्या चाहिए?
- मेरी Table 12 बाकी GSTR-1 से मेल क्यों नहीं खाती?
- और Table 13?
आपने हर invoice डाल दिया, टोटल सही दिख रहे हैं, और फिर GSTR-1 Table 12 पर warning दे देता है। फिर से। Table 12 उस अवधि में आपकी पूरी बिक्री की HSN-वार summary है: हर HSN (माल) या SAC (सर्विस) code, मात्रा, taxable value और टैक्स। अप्रैल 2025 की टैक्स अवधि से यह अलग-अलग B2B और B2C टैब में बँट गई है, और code टाइप करने की बजाय पोर्टल के ड्रॉपडाउन से चुनने पड़ते हैं।
अंकों की संख्या आपके टर्नओवर पर निर्भर है: पिछले साल ₹5 करोड़ या उससे कम पर थे तो 4, उससे ऊपर थे तो 6। ज़्यादातर सिरदर्द तीन चीज़ों से आता है: गलत अंक, ऐसी summary जो invoice tables से मेल न खाए, और ऐसी यूनिट जिनका कोई मतलब न बने।
पहले, HSN और SAC में फ़र्क क्या है?
HSN (Harmonised System of Nomenclature) code माल का वर्गीकरण करते हैं। ये अंतरराष्ट्रीय हैं, अध्यायों में बँटे हुए, जैसे 0402 मिल्क पाउडर, 6109 टी-शर्ट, 8471 कंप्यूटर।
SAC (Services Accounting Code) सर्विस के लिए भारत की code लिस्ट है। सारे SAC code 99 से शुरू होते हैं। लीगल सर्विस 9982 में, IT सर्विस 9983 में, रेस्टोरेंट सर्विस 9963 में आती है।
GSTR-1 में दोनों एक ही Table 12 में जाते हैं। पोर्टल को फ़र्क नहीं पड़ता कि एक माल है और एक सर्विस; उसे बस सही code, सही अंक और मेल खाते आँकड़े चाहिए।
मुझे कितने अंक रिपोर्ट करने हैं?
| पिछले FY का aggregate turnover | Table 12 में अंक |
|---|---|
| ₹5 करोड़ तक | 4 |
| ₹5 करोड़ से ऊपर | 6 |
अपने PAN के सारे GSTIN का पिछले साल का टर्नओवर देखिए, सिर्फ़ इस रजिस्ट्रेशन का नहीं। FY 2025-26 में ₹4.8 करोड़ वाली फ़र्म पूरे FY 2026-27 में 4 अंक रिपोर्ट करेगी, भले वो साल के बीच ₹5 करोड़ पार कर जाए।
न्यूनतम से ज़्यादा अंक रिपोर्ट करने की हमेशा छूट है। कुछ बिज़नेस, जिनके प्रोडक्ट बारीकी से वर्गीकृत होते हैं (फ़ार्मा, ऑटो पार्ट्स), अपनी सहूलियत के लिए invoice पर 8 अंकों वाले code रखते हैं। ड्रॉपडाउन उसी स्तर के code दिखाएगा जो पोर्टल चाहता है, तो जो मेल खाए वो चुन लीजिए।
B2B और B2C टैब से क्या बदला?
2025 से पहले आप एक HSN की सारी बिक्री एक साथ डाल सकते थे। अब Table 12 में दो टैब हैं।
B2B टैब रजिस्टर्ड व्यक्तियों को सप्लाई के लिए है, और इसे Table 4, 6B, 6C, 9B वगैरह में आपके B2B invoice, credit/debit note और amendment से मेल खाना चाहिए।
B2C टैब अनरजिस्टर्ड खरीदारों को सप्लाई के लिए है, और इसकी जाँच B2C large, B2C small, export और nil-rated tables से होती है।
तो अगर भोपाल में आनंद की हार्डवेयर दुकान नवंबर 2026 में HSN 7318 (स्क्रू और बोल्ट) का ₹3,20,000 का माल बेचती है, जिसमें ₹2,00,000 रजिस्टर्ड ठेकेदारों को और ₹1,20,000 काउंटर पर गया, तो वो दो लाइनें रिपोर्ट करेंगे: B2B टैब में 7318 के तहत ₹2,00,000 और B2C टैब में 7318 के तहत ₹1,20,000। एक ही code, दो एंट्री।
और ड्रॉपडाउन?
HSN code हाथ से टाइप करना ख़त्म। आप एक लिस्ट से चुनते हैं, और विवरण सरकार के HSN master से अपने-आप भर जाता है। इससे टाइपिंग की गलतियाँ कटती हैं। इसका यह भी मतलब है कि अगर आपके billing software के item master में कोई गढ़ा हुआ या पुराना code था, तो अब पता चल जाएगा। अपनी item लिस्ट बिज़ी सीज़न से पहले साफ़ कर लीजिए, 10 तारीख को नहीं।
हर कॉलम में क्या चाहिए?
| फ़ील्ड | क्या भरें | आम चूक |
|---|---|---|
| HSN/SAC | ड्रॉपडाउन से चुनें | पुरानी रेट लिस्ट का code इस्तेमाल करना |
| Description | अपने-आप भरता है | यहाँ कुछ नहीं करना |
| UQC (यूनिट) | NOS, KGS, MTR, LTR वगैरह। सर्विस के लिए पोर्टल जैसा अनुमति दे, "OTH" या "NA" | एक ही item के लिए अलग-अलग invoice में BOX और NOS मिलाना |
| Total quantity | अवधि का जोड़ | मात्रा वाले फ़ील्ड में value डाल देना |
| Rate | उस लाइन का टैक्स रेट | एक HSN दो रेट पर बिका तो दो लाइनें चाहिए |
| Taxable value | डिस्काउंट घटाकर जोड़ | Value में टैक्स जोड़ देना |
| IGST / CGST / SGST / Cess | टैक्स की रकम | एक ही लाइन पर IGST और CGST दोनों लगाना |
सर्विस की मात्रा का लगभग कभी कोई मतलब नहीं होता, तो उनके UQC पर ज़्यादा माथापच्ची मत कीजिए। सर्विस के लिए पोर्टल जो स्वीकार करे, वो चुन लीजिए।
अगर एक ही HSN code एक ही अवधि में दो अलग रेट पर बिका (22 सितंबर 2025 के रेट बदलाव के आसपास ऐसा बहुत हुआ), तो हर रेट के लिए अलग लाइन रिपोर्ट कीजिए।
मेरी Table 12 बाकी GSTR-1 से मेल क्यों नहीं खाती?
पोर्टल Table 12 के टोटल की तुलना invoice-स्तर की tables से करता है। फ़र्क हो तो फ़्लैग कर देता है। यह लिखते समय ये validation warning के रूप में दिखते हैं और फिर भी फाइल करने देते हैं, लेकिन पोर्टल की ताज़ा advisory देख लीजिए क्योंकि यह सख़्त हो सकता है।
Mismatch की आम वजहें:
- Credit note नहीं घटाए गए। अगर आपने HSN 8516 के सामने ₹20,000 का credit note जारी किया, तो HSN summary उतनी कम होनी चाहिए।
- Advance adjustment। Table 11A/11B में मिले और adjust हुए advance हाथ से बनी summary को उलझा सकते हैं।
- Nil-rated और exempt item छूट गए। ये भी HSN summary में आते हैं, 0% टैक्स पर।
- Rounding। Invoice-स्तर पर नज़दीकी रुपये तक rounding सैकड़ों invoice में जुड़कर बड़ी हो जाती है।
- B2B/B2C बँटवारा अंदाज़े से। अगर कोई ग्राहक महीने के बीच रजिस्टर्ड हुआ, तो उससे पहले और बाद के invoice सही टैब में जाने चाहिए।
सबसे साफ़ इलाज है Table 12 कभी हाथ से न बनाना। उसे उसी invoice डेटा से बनाइए जिससे बाकी tables बनती हैं। फिर जो फ़र्क बचेगा, वो असली गलतियाँ होंगी।
और Table 13?
जब आप GSTR-1 के नीचे तक पहुँच ही गए हैं, Table 13 जारी किए गए डॉक्यूमेंट की summary माँगती है: invoice सीरीज़, कहाँ से कहाँ तक नंबर, कुल जारी और रद्द। आसान है, और यहीं आपकी नंबरिंग के गैप दिखते हैं। अगर आपकी सीरीज़ 0141 से सीधे 0145 पर कूदती है, तो पक्का कीजिए कि बीच के तीन नंबर रद्द के रूप में दर्ज हैं।
Table 12 के लिए फाइलिंग से पहले छोटी जाँच
- [ ] अंक पिछले FY के टर्नओवर से मेल खाते हैं (4 या 6)
- [ ] आपके master के हर item का ड्रॉपडाउन लिस्ट से वैध code है
- [ ] B2B और B2C बिक्री अलग टैब में है
- [ ] Credit note ने सही HSN लाइनें कम की हैं
- [ ] Nil-rated और exempt बिक्री 0% पर शामिल है
- [ ] हर HSN के हर रेट की एक लाइन
- [ ] हर item का UQC एक जैसा है
- [ ] Table 12 के टोटल invoice tables से मेल खाते हैं
- [ ] Table 13 के डॉक्यूमेंट नंबरों में कोई बिना वजह का गैप नहीं
अगर पिछले महीने मैंने गलत HSN लगा दिया तो?
अगर टैक्स सही था और सिर्फ़ code गलत था, तो असर आमतौर पर summary तक सीमित रहता है, और आप आगे से सुधार लेते हैं। अगर गलत code की वजह से रेट भी गलत लगा, तो यह टैक्स का मामला है: आपको credit या debit note जारी करने होंगे, उस अवधि का GSTR-3B फाइल करने से पहले GSTR-1A से amendment करना होगा, या बाद के GSTR-1 में amendment करना होगा। सीमा-रेखा वाले प्रोडक्ट पर वर्गीकरण के विवाद (यह food preparation है या नमकीन? पार्ट है या एक्सेसरी?) ठीक वही जगह है जहाँ CA अपनी फ़ीस कमाते हैं, तो किसी से पूछ लीजिए।
HelloBooks कैसे मदद करता है
HelloBooks में आप हर item या सर्विस पर HSN या SAC code एक बार सेट करते हैं, और वो हर invoice पर अपने-आप आ जाता है। GSTR-1 की HSN summary उन्हीं invoice से बनती है, तो अलग spreadsheet होने की बजाय वो बाकी रिटर्न से मेल खाती है। फिर आप Free प्लान पर एक GSTIN के लिए GSTR-1 सीधे HelloBooks के अंदर से GST पोर्टल पर फाइल कर सकते हैं। ज़्यादा जानकारी के लिए GSTR-1 फाइलिंग पेज और हमारा HSN/SAC पेज देखिए।
FAQs
क्या ₹1.5 करोड़ से कम वाले छोटे बिज़नेस को GSTR-1 में HSN रिपोर्ट करना होता है?
हाँ। रिपोर्टिंग की ज़रूरत ₹5 करोड़ की सीमा पर आधारित है। उससे नीचे आप 4 अंक रिपोर्ट करते हैं; रेगुलर टैक्सपेयर के लिए Table 12 से ही कोई छूट नहीं है।
मेरी सर्विस का सही SAC कहाँ मिलेगा?
CBIC की वेबसाइट सर्विस का वर्गीकरण प्रकाशित करती है। विवरण से खोजिए, explanatory notes देखिए, और मौजूदा rate notification से रेट कन्फ़र्म कीजिए।
क्या मैं एक ही HSN को B2B और B2C दोनों टैब में रिपोर्ट कर सकता हूँ?
हाँ, और अगर उस अवधि में आपने वो चीज़ रजिस्टर्ड और अनरजिस्टर्ड दोनों खरीदारों को बेची है तो करना ही चाहिए।
क्या Table 12 का mismatch मुझे GSTR-1 फाइल करने से रोकेगा?
यह लिखते समय यह warning दिखाता है और फाइल करने देता है। यह बदल सकता है, तो GST पोर्टल की मौजूदा advisory देख लीजिए, और mismatch फिर भी ठीक कीजिए क्योंकि ये बाद में reconciliation मुश्किल बना देते हैं।
क्या QRMP फाइलर IFF में HSN रिपोर्ट करते हैं?
नहीं। IFF में सिर्फ़ B2B invoice और note जाते हैं। HSN summary तिमाही GSTR-1 में जाती है।
एक बार item master ठीक कर लीजिए, फिर Table 12 GSTR-1 का वो हिस्सा नहीं रहेगा जिससे आपको डर लगता है।
फ्री में शुरू करें — GST फाइलिंग शामिल, कोई कार्ड नहीं। HelloBooks फ्री आज़माएँ
