Key takeaways
What this article covers, in order:
- "फ्री" शब्द पर आंख मूंदकर भरोसा क्यों नहीं कर सकते?
- क्या ये सच में आपके रिटर्न फाइल करता है?
- क्या ये आपका इनपुट टैक्स क्रेडिट बचाएगा?
- क्या ये मार्च 2027 में भी आपके काम आएगा?
- क्या इस पर भरोसा कर सकते हैं, और छोड़ना हो तो छोड़ सकते हैं?
- नंबर कैसे दें?
अप्रैल 2026 में आपने एक "फ्री" GST ऐप पर साइन अप किया, तीन महीने के इनवॉइस डाले, और 18 जुलाई 2026 को पता चला कि फाइल करने वाला बटन तो पेड प्लान में है। ये कहानी हमने जितनी बार सुनी है, उतनी बार सुनना नहीं चाहते थे। इलाज आसान है: पक्का करने से पहले देख लीजिए कि सॉफ्टवेयर GSTR-1 और GSTR-3B सच में फ्री में फाइल करता है या नहीं, उसकी लिमिट आपके काम के हिसाब से ठीक है या नहीं, और छोड़ना पड़े तो आप अपना डेटा लेकर निकल सकते हैं या नहीं। नीचे के 15 चेक करने में करीब एक घंटा लगता है।
"फ्री" शब्द पर आंख मूंदकर भरोसा क्यों नहीं कर सकते?
क्योंकि भारत के GST सॉफ्टवेयर में "फ्री" के चार अलग-अलग मतलब होते हैं।
कुछ ऐप GST इनवॉइस तो बनवा देते हैं, पर फाइलिंग आप पर छोड़ देते हैं। कुछ रिटर्न तैयार करके एक JSON फाइल पकड़ा देते हैं, जिसे पोर्टल पर आपको खुद अपलोड करना होता है। कुछ पूरी फाइलिंग देते हैं, लेकिन सिर्फ कुछ हफ्तों के लिए। और कुछ ऐसा फ्री प्लान देते हैं जो चलता रहता है, जिसमें लिमिट समय की नहीं, बल्कि ट्रांज़ैक्शन या यूज़र की होती है।
इनमें से कोई भी धोखा नहीं है। बस हर एक अलग तरह के बिज़नेस के लिए बना है। हर महीने फाइल करने वाले ₹40 लाख के ट्रेडर की ज़रूरत उस फ्रीलांसर से बिल्कुल अलग है जो ज़्यादातर महीनों में nil GSTR-3B भरता है। इसलिए टूल अपनी हालत देखकर चुनिए, होमपेज के बैनर देखकर नहीं।
क्या ये सच में आपके रिटर्न फाइल करता है?
शुरुआत यहीं से कीजिए। अगर सॉफ्टवेयर इन पांच में फेल है, तो बाकी चीज़ों का ज़्यादा मतलब नहीं।
| # | क्या चेक करें | अच्छा जवाब कैसा दिखता है |
|---|---|---|
| 1 | फ्री प्लान पर कौन-से रिटर्न फाइल कर सकते हैं? | GSTR-1 और GSTR-3B, प्राइसिंग पेज पर नाम लिखकर |
| 2 | ये फाइल करता है या सिर्फ फाइल एक्सपोर्ट करता है? | ऐप के अंदर से ही GST पोर्टल पर फाइल, आपके OTP/EVC से साइन करके |
| 3 | फाइलिंग की लिमिट गिनती से है या समय से? | महीने या तिमाही की अनलिमिटेड फाइलिंग, कोई एक्सपायरी नहीं |
| 4 | क्या GSTR-3B फाइल करने से पहले ब्याज और लेट फीस दिखाता है? | वही रकम जो पोर्टल वसूलेगा |
| 5 | क्या ये आपकी रिटर्न फ्रीक्वेंसी संभालता है? | मासिक और QRMP (तिमाही, ऑप्शनल IFF के साथ) |
नंबर 2 पर लोग सबसे ज़्यादा अटकते हैं। एक्सपोर्ट करके अपलोड करना चल जाता है, पर ये हर महीने का एक एक्स्ट्रा काम है, और गलतियां तभी दिखती हैं जब आप रात 10 बजे पोर्टल पर बैठे होते हैं। डायरेक्ट फाइलिंग में जांचना, रिव्यू करना और साइन करना, सब एक ही जगह हो जाता है।
नंबर 4 तब मायने रखता है जब आपने कभी लेट फाइल किया हो। कैश में देर से चुकाए गए टैक्स पर सालाना 18% ब्याज लगता है, ऊपर से देरी के हर दिन की लेट फीस (nil रिटर्न पर कम, और टर्नओवर के हिसाब से उसकी ऊपरी सीमा)। सबमिट दबाने से पहले सही रकम दिख जाए, ये कहीं बेहतर है।
क्या ये आपका इनपुट टैक्स क्रेडिट बचाएगा?
| # | क्या चेक करें | अच्छा जवाब कैसा दिखता है |
|---|---|---|
| 6 | क्या GSTR-2B मिलान फ्री प्लान में है? | खरीद के बिल GSTR-2B से मिलाए जाते हैं, गड़बड़ियों की लिस्ट मिलती है |
| 7 | क्या ये बताता है कौन-सा ITC क्लेम कर सकते हैं और कौन-सा नहीं? | योग्य, अयोग्य और पेंडिंग क्रेडिट अलग-अलग दिखते हैं |
| 8 | क्या खरीद का बिल डालना आसान है? | हर बिल पर GSTIN, HSN/SAC और टैक्स का बंटवारा |
GSTR-2B हर महीने करीब 14 तारीख को पोर्टल पर आ जाता है। अगर आपका सॉफ्टवेयर उससे मिलान नहीं कर सकता, तो या तो आप भरोसे पर ITC क्लेम करेंगे या एक पूरी शाम VLOOKUP के साथ बिताएंगे। सच कहें तो ज़्यादातर छोटे बिज़नेस के लिए ये एक फीचर सारे इनवॉइस टेम्पलेट मिलाकर भी ज़्यादा काम का है।
क्या ये मार्च 2027 में भी आपके काम आएगा?
| # | क्या चेक करें | अच्छा जवाब कैसा दिखता है |
|---|---|---|
| 9 | ट्रांज़ैक्शन या इनवॉइस की लिमिट कितनी है? | एक साफ नंबर, जिसे आप पिछले साल से मिला सकें |
| 10 | कितने GSTIN? | आपके हर रजिस्ट्रेशन के लिए काफी |
| 11 | कितने यूज़र? | कम से कम आप और आपका CA |
| 12 | बेसिक रिपोर्ट शामिल हैं? | P&L, बैलेंस शीट, लेनदारी और देनदारी की एजिंग |
चेक 9 के लिए सच में गिनती कीजिए। बिक्री के इनवॉइस, खरीद के बिल, खर्चे, रसीदें, पेमेंट। पिछले साल का GSTR-1 और बैंक स्टेटमेंट दस मिनट में मोटा-मोटा आंकड़ा दे देंगे। अगर आप लिमिट के आस-पास भी हैं, तो मान लीजिए फरवरी 2027 तक उसे पार कर जाएंगे। बिज़नेस बढ़ता है, और साल के बीच में लिमिट से टकराने पर जल्दबाज़ी में फैसला लेना पड़ता है।
क्या इस पर भरोसा कर सकते हैं, और छोड़ना हो तो छोड़ सकते हैं?
| # | क्या चेक करें | अच्छा जवाब कैसा दिखता है |
|---|---|---|
| 13 | क्या फ्री प्लान हमेशा के लिए है? | कोई एक्सपायरी नहीं, कार्ड की ज़रूरत नहीं |
| 14 | अपग्रेड का खर्च कितना है, और उसमें क्या मिलता है? | वेबसाइट पर लिखी कीमत और फीचर की साफ लिस्ट |
| 15 | क्या आप अपना डेटा निकाल सकते हैं? | डाउनलोड होने वाली रिपोर्ट; फाइल किए रिटर्न तो वैसे भी पोर्टल पर रहते हैं |
नंबर कैसे दें?
हर चेक को 0, 1 या 2 दीजिए। 2 अगर वेंडर की साइट पर साफ लिखा है, 1 अगर आधा सच है या सपोर्ट से पूछना पड़ा, 0 अगर जवाब "नहीं" है या आपको पता ही नहीं चल पाया।
30 में से 20 से कम आए तो सावधान हो जाइए। पर ज़्यादा ध्यान इस पर दीजिए कि किन चेक पर ज़ीरो आया। 1, 2 या 6 पर ज़ीरो का मतलब अक्सर ये है कि आप GST फील्ड वाला बिलिंग सॉफ्टवेयर देख रहे हैं, फाइलिंग सॉफ्टवेयर नहीं। 9 या 13 पर ज़ीरो का मतलब है कि आगे चलकर मजबूरी में सॉफ्टवेयर बदलना पड़ सकता है।
तीन मालिक, तीन अलग जवाब
मीना भोपाल में घर से बेकरी चलाती हैं। ₹18 लाख टर्नओवर, साल में करीब 120 ट्रांज़ैक्शन, एक GSTIN, QRMP के तहत तिमाही फाइलिंग। उनके लिए सबसे ज़रूरी हैं चेक 1, 2, 5 और 13। 200 ट्रांज़ैक्शन की लिमिट वाला फ्री प्लान उनके लिए बिल्कुल ठीक है।
राहुल कानपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स का ट्रेड करते हैं। ₹1.2 करोड़ टर्नओवर, साल में 2,000 से ज़्यादा इनवॉइस, ज़्यादातर माल पर e-way bill। लगभग किसी भी फ्री प्लान पर वो चेक 9 में फेल होंगे, और इसमें कोई बुराई नहीं। उनके लिए काम का सवाल है चेक 14: पेड प्लान कितने का है, और उसमें e-way bill आते हैं या नहीं?
आयशा नोएडा में फ्रीलांस डिज़ाइनर हैं। ₹25 लाख की बिलिंग, ज़्यादातर सर्विस, कुछ दर्जन इनवॉइस। एक बार ड्यू डेट गलत अंदाज़ा लगाने पर उन्होंने ₹1,200 लेट फीस भरी थी, इसलिए चेक 4 उनके लिए मायने रखता है। उनका CA हर तिमाही रिव्यू करता है, तो चेक 11 भी। दो फ्री यूज़र, एक उनके लिए और एक CA के लिए, बिल्कुल सही है।
(मीना, राहुल और आयशा सिर्फ उदाहरण हैं, हमारे ग्राहक नहीं।)
किन बातों पर पीछे हट जाना चाहिए?
अगर प्राइसिंग पेज पर रिटर्न के नाम नहीं लिखे, तो संभलकर चलिए। "GST कंप्लायंस" का मतलब कुछ भी हो सकता है, इसलिए GSTR-1 और GSTR-3B लिखा हुआ ढूंढिए। अगर कहीं उल्टी गिनती चल रही है, तो वो ट्रायल है। पता हो और बजट बना रखा हो तो ठीक है, पर उसे हमेशा के लिए फ्री मत मानिए। अगर GSTR-2B का कहीं ज़िक्र ही नहीं, तो ये कमी है, क्योंकि ITC मिलाए बिना GSTR-3B फाइल करना ही बहुत सारे नोटिस की शुरुआत होती है। और अगर लिमिट साइन अप के बाद ही दिखती हैं, तो खुद से पूछिए ऐसा क्यों।
सॉफ्टवेयर चुन लिया। अब क्या?
असली रिटर्न सौंपने से पहले एक ड्राई रन कीजिए। पिछले महीने की बिक्री और खरीद डालिए, भले ही वो रिटर्न आप फाइल कर चुके हों। GSTR-1 और GSTR-3B की समरी को उससे मिलाइए जो आपने असल में सबमिट किया था। मेल खा जाए, तो अगले महीने सॉफ्टवेयर से फाइल कीजिए, और पहली रिटर्न सबमिट करने से पहले अपने CA से एक बार देखवा लीजिए।
ये एक काम सेटअप की उबाऊ गलतियां पकड़ लेता है: गलत स्टेट कोड, किसी आइटम में छूटा HSN, या रेट जो exclusive होना चाहिए था पर inclusive डाल दिया। अगर आप एक्सपोर्ट, रिवर्स चार्ज या एक से ज़्यादा राज्यों में काम करते हैं, तो अपना सेटअप किसी CA से ठीक से जंचवा लीजिए।
HelloBooks कैसे मदद करता है
हमने छोटे बिज़नेस के लिए HelloBooks Free इसी चेकलिस्ट को ध्यान में रखकर बनाया है। ये ₹0 है, क्रेडिट कार्ड नहीं मांगता और एक्सपायर नहीं होता। एक GSTIN के लिए GSTR-1 और GSTR-3B की अनलिमिटेड फाइलिंग मिलती है, जो HelloBooks के अंदर से सीधे GST पोर्टल पर फाइल होती है, साथ में ITC ट्रैकिंग के साथ GSTR-2B मिलान। GSTR-3B पर ब्याज और लेट फीस फाइल करने से पहले GST पोर्टल की अपनी रकम के रूप में दिखती है। Free में 2 यूज़र हैं, ताकि आपका CA उन्हीं बुक्स में काम कर सके, और इसमें साल के 200 ट्रांज़ैक्शन तक इनवॉइस, बिल, कोटेशन, एजिंग रिपोर्ट, P&L, बैलेंस शीट और कैश फ्लो शामिल हैं।
Free में क्या नहीं है: GSTR-9, ई-इनवॉइसिंग, e-way bill, एक से ज़्यादा GSTIN, या साल के 200 से ज़्यादा ट्रांज़ैक्शन। ये सब Pro में हैं, ₹499/महीना पर। प्राइसिंग देखिए, फ्री बनाम पेड GST सॉफ्टवेयर पर हमारी राय पढ़िए, और जानिए GSTR-3B फाइलिंग कैसे काम करती है।
FAQs
कौन-सा एक चेक बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहिए?
यही कि फ्री प्लान GSTR-1 और GSTR-3B सीधे GST पोर्टल पर फाइल करता है या नहीं, बिना किसी समय सीमा के। अगर ये नहीं है, तो बाकी सब बस सजावट है।
अपने ट्रांज़ैक्शन कैसे गिनूं?
पिछले 12 महीनों के बिक्री इनवॉइस, खरीद के बिल, खर्चे, और रसीदें व पेमेंट जोड़ लीजिए। बैंक स्टेटमेंट और पिछले साल का GSTR-1 मिलाकर काफी सही अंदाज़ा मिल जाता है।
क्या फ्री ट्रायल कभी फायदे का होता है?
हां, अगर ट्रायल खत्म होने के बाद की कीमत का बजट आपने पहले से बना रखा है। बस पूरा साल उसे फ्री समझकर उस पर मत टिकाइए।
क्या FY 2026-27 के बीच में सॉफ्टवेयर बदल सकता हूं?
बदल सकते हैं। फाइल किए रिटर्न पोर्टल पर रहते हैं। असली काम है खुले इनवॉइस, ओपनिंग बैलेंस और ITC रिकॉर्ड शिफ्ट करना, इसलिए तिमाही का आखिर सबसे साफ मौका होता है।
क्या मुझे फिर भी CA की ज़रूरत है?
रोज़मर्रा की फाइलिंग का ज़्यादातर काम सॉफ्टवेयर कर देता है। नोटिस, एक्सपोर्ट, रिवर्स चार्ज या सालाना रिटर्न के लिए CA की फीस अब भी वसूल है।
वो सॉफ्टवेयर चुनिए जो आपकी चेकलिस्ट पर खरा उतरे, वो नहीं जिसका बैनर सबसे ज़ोर से चिल्लाए।
फ्री में शुरू करें — GST फाइलिंग शामिल, कार्ड की ज़रूरत नहीं। HelloBooks Free आज़माएं
