Key takeaways
What this article covers, in order:
- Composition या regular: आपकी दुकान कौन-सी है?
- GST 2.0 के बाद शेल्फ़ पर कौन-से रेट लगते हैं?
- दुकान को रजिस्टर कब करना पड़ता है?
- हर महीने return या तिमाही में एक बार?
- चलिए हिसाब लगाते हैं: शर्मा जनरल स्टोर, इंदौर
- 200 ट्रांज़ैक्शन की लिमिट पर साफ़ बात
दुकान बंद होने का वक़्त है, गल्ले का कैश गिना जा चुका है, और काउंटर के नीचे distributor के bills का ढेर पड़ा है जिसे अभी तक किसी ने चढ़ाया नहीं। अगर आपकी दुकान regular GST scheme में रजिस्टर्ड है, तो HelloBooks आपके लिए GSTR-1 और GSTR-3B फ्री में, सीधे GST portal पर फाइल करता है। लेकिन बहुत सी किराना दुकानें composition scheme में हैं, जिसकी returns अलग होती हैं (CMP-08 और GSTR-4), और वो HelloBooks फाइल नहीं करता। तो पहला काम ये पता करना है कि आप किस scheme में हैं, और क्या वो अब भी आपके लिए सही है।
Composition या regular: आपकी दुकान कौन-सी है?
एक टेबल में पूरा फ़र्क़ देखिए।
| Composition | Regular | |
|---|---|---|
| कौन ले सकता है | ₹1.5 करोड़ turnover तक के trader (special category states में ₹75 लाख) | कोई भी रजिस्टर्ड बिज़नेस |
| आप कितना टैक्स भरते हैं | trader के लिए taxable turnover का 1% | हर आइटम का असली रेट: nil, 5%, 18% या 40% |
| आप कौन-सा बिल देते हैं | Bill of supply, जिसमें GST नहीं दिखता | GST के साथ tax invoice |
| Input tax credit | नहीं | हाँ, नियमों के मुताबिक |
| दूसरे राज्यों में बिक्री | इजाज़त नहीं | इजाज़त है |
| Returns | CMP-08 तिमाही, GSTR-4 सालाना | GSTR-1 और GSTR-3B |
| HelloBooks फाइल करता है? | नहीं | हाँ, एक GSTIN के लिए फ्री |
जो मोहल्ले की दुकान सिर्फ़ घरों में सामान बेचती है, उसके लिए composition अक्सर आसान ज़िंदगी है। Flat 1% भरिए, काग़ज़ी काम हल्का है, और आपके ग्राहकों को input credit से कोई मतलब नहीं।
Regular तब ज़्यादा समझ में आने लगता है जब कुछ चीज़ें धीरे-धीरे जुड़ने लगें। हो सकता है दो-चार होटल या ऑफ़िस कैंटीन आपसे खरीदते हों और उन्हें GST invoice चाहिए। हो सकता है packaged सामान पर आपका margin पतला हो और आप distributors को अच्छा-ख़ासा GST दे रहे हों। या शायद आप ऑनलाइन बेचना चाहते हों या पड़ोसी राज्य के किसी ग्राहक को। Composition ये सारे रास्ते बंद कर देता है।
एक बात जिसमें लोग गलती करते हैं: खुला आटा, चावल, दाल, सब्ज़ी, अंडे और खुला दूध, दोनों scheme में nil-rated या exempt हैं। Trader के लिए 1% composition tax taxable turnover पर निकलता है। तो सही तुलना है आपकी taxable बिक्री का 1% बनाम आपका output GST माइनस ITC। ये हिसाब हम नीचे करेंगे।
GST 2.0 के बाद शेल्फ़ पर कौन-से रेट लगते हैं?
22 सितंबर 2025 से ज़्यादातर किराना आइटम 5% slab में आ गए या टैक्स से बाहर हो गए। अगर आपकी billing machine में अब भी पिछले साल के रेट पड़े हैं, तो सबसे पहले वही ठीक कीजिए।
| शेल्फ़ पर | 22 सितंबर 2025 से रेट |
|---|---|
| खुला अनाज, दालें, आटा, ताज़ी सब्ज़ियाँ, अंडे, ताज़ा दूध | Nil |
| UHT दूध, packaged और labelled पनीर, भारतीय रोटियाँ | Nil |
| Packaged और labelled आटा, चावल, दाल | 5% |
| घी, मक्खन, चीज़ | 5% |
| बिस्किट, नमकीन, चॉकलेट, instant noodles | 5% |
| साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, बालों का तेल | 5% |
| Aerated drinks | 40% |
सही रेट HSN code और packaging की शर्तों पर टिका है, इसलिए जिस चीज़ पर शक हो उसे CBIC की rate notification से मिला लीजिए। आज घी को 12% पर बिल करना "सावधानी" नहीं है। वो बस गलत है, और आपके B2B ग्राहक इसे पकड़ लेंगे।
दुकान को रजिस्टर कब करना पड़ता है?
सिर्फ़ सामान बेचने वाली दुकान को ज़्यादातर राज्यों में aggregate turnover ₹40 लाख पार होते ही रजिस्टर करना होता है। कुछ राज्यों में ये ₹20 लाख है, और special category states में ₹10 लाख। Nil-rated बिक्री भी इस आँकड़े में गिनी जाती है। तो ₹30 लाख का packaged सामान और ₹15 लाख का खुला राशन मिलाकर आप लाइन के पार हैं, भले ही उसमें से सिर्फ़ कुछ हिस्सा taxable हो।
हर महीने return या तिमाही में एक बार?
Regular scheme वाली किराना दुकान लगभग हमेशा ₹5 करोड़ से नीचे होती है, इसलिए QRMP आपके लिए खुला है। GSTR-1 और GSTR-3B तिमाही हो जाते हैं। GSTR-1 तिमाही के बाद 13 तारीख तक और GSTR-3B 22 या 24 तारीख तक, राज्य के हिसाब से। तिमाही के पहले दो महीनों में उस महीने का टैक्स PMT-06 से 25 तारीख तक भरते हैं।
ग्राहकों को काउंटर पर हुई बिक्री GSTR-1 में बिल-दर-बिल नहीं जाती। वो rate-wise B2C summary के रूप में जाती है, जिससे return छोटी रहती है। सिर्फ़ रजिस्टर्ड खरीदारों को दिए गए B2B invoice एक-एक करके लिस्ट होते हैं।
चलिए हिसाब लगाते हैं: शर्मा जनरल स्टोर, इंदौर
रमेश शर्मा एक मझोली जनरल स्टोर चलाते हैं और हर महीने फाइल करते हैं। ये रहा Oct 2026 (उदाहरण के आँकड़े):
| बिक्री | Taxable value | GST |
|---|---|---|
| खुला राशन (nil) | ₹2,40,000 | ₹0 |
| 5% वाले आइटम: packaged खाना, घी, toiletries | ₹3,20,000 | ₹16,000 |
| 18% वाले आइटम: कुछ cleaning products, प्लास्टिक | ₹40,000 | ₹7,200 |
| दो कैंटीन को tax invoice पर (5% का सामान) | ₹60,000 | ₹3,000 |
| Output tax | ₹26,200 |
रजिस्टर्ड distributors से हुई उनकी खरीद, जो सारी GSTR-2B में दिख रही है, पर 5% वाला ₹17,000 और 18% वाला ₹5,400 GST लगा था। यानी ₹22,400 का ITC।
तो रमेश जी cash में ₹26,200 − ₹22,400 = ₹3,800 भरते हैं, CGST और SGST में बँटा हुआ। उनका GSTR-1 11 नवंबर 2026 और GSTR-3B 20 नवंबर 2026 को due है।
Composition में वो ₹4,20,000 की taxable बिक्री का 1% यानी ₹4,200 भरते। साथ ही कैंटीन को tax invoice भी नहीं दे पाते। इस महीने regular थोड़े से अंतर से जीतता है। जिस महीने वो दिवाली से पहले भारी स्टॉक भरते हैं, उनका ITC उछल जाता है और regular बड़े अंतर से जीतता है। मंदे महीने में बात उलटी भी हो सकती है। ये तुलना पूरे साल के आँकड़ों पर अपने CA के साथ कीजिए, कभी एक महीने पर नहीं।
200 ट्रांज़ैक्शन की लिमिट पर साफ़ बात
HelloBooks Free में साल के 200 ट्रांज़ैक्शन मिलते हैं। एक चलती किराना दुकान दिन में सैकड़ों बिल काटती है, तो सीधी बात करते हैं।
अगर आप हर काउंटर बिल HelloBooks में चढ़ाएँगे, तो पहले हफ़्ते में ही 200 पार हो जाएँगे। रोज़ की एक sales entry भी साल में 365 हो जाती है। Free सच में तभी चलता है जब आप अपनी billing machine से हर रेट की monthly sales summary डालें और आपके suppliers की लिस्ट छोटी हो। आठ-दस नियमित distributors, जो हर हफ़्ते बिल भेजते हैं, वही 200 में से ज़्यादातर खा जाएँगे।
तो ज़्यादातर चलती दुकानों के लिए Free वो जगह है जहाँ आप सेटअप करें, एक return को शुरू से आख़िर तक जाते देखें, और हाथ बैठा लें। असली volume डालने के बाद आप रहेंगे ₹499/महीना वाले Pro पर। उसमें unlimited users भी मिलते हैं, तो आपका बेटा या काउंटर मैनेजर भी login कर सकता है। pricing page पर पूरी जानकारी है।
दुकानदारों का ITC कहाँ रिसता है
सबसे आम रिसाव है ऐसा distributor जो return फाइल नहीं करता। अगर आपका बिल उसके GSTR-1 में नहीं है, तो आपके GSTR-2B में भी नहीं है, और आप उसे क्लेम नहीं कर सकते। हर महीने reconcile कीजिए और जो हमेशा लेट रहते हैं उन्हें फ़ोन घुमाइए।
अगला है 180 दिन वाला नियम। अगर आपने invoice के 180 दिन के अंदर supplier को पेमेंट नहीं किया, तो Rule 37 के तहत वो ITC पेमेंट होने तक reverse करना पड़ता है। किसी wholesaler के साथ पुराना बकाया चुपचाप आपको नुक़सान पहुँचा सकता है।
जो schemes और बिक्री के बाद वाले discounts GST credit note के रूप में आते हैं, वो आपका credit घटाते हैं, इसलिए उन्हें चढ़ाइए। और हाँ, जो राशन परिवार शेल्फ़ से घर ले जाता है वो बिज़नेस का इस्तेमाल नहीं है, उस पर ITC आपका नहीं बनता।
HelloBooks कैसे मदद करता है
HelloBooks, Free और Pro दोनों पर, एक GSTIN के लिए GSTR-1 और GSTR-3B सीधे GST portal पर फाइल करता है। GSTR-2B reconciliation बताता है कि इस महीने आप कौन-से distributor bills क्लेम कर सकते हैं। UPI, Paytm और PhonePe की वसूली reconcile हो सकती है, और बाकी सब बैंक स्टेटमेंट इम्पोर्ट से हो जाता है।
GSTR-3B फाइल करने से पहले आपको GST portal का अपना interest और late fee का आँकड़ा दिखता है, तो कोई सरप्राइज़ नहीं। Mobile app से आप काउंटर पर ही bills दर्ज कर सकते हैं और reports देख सकते हैं। Composition बनाम regular का सवाल असली आँकड़ों से सुलझाने के लिए आप अपने CA को उन्हीं books में invite भी कर सकते हैं।
अगर आपको सिर्फ़ काउंटर बिलिंग चाहिए और returns फाइल करवाने की ज़रूरत नहीं, तो हमारा free GST billing software पेज बिलिंग और फाइलिंग का फ़र्क़ समझाता है।
FAQs
क्या HelloBooks composition वाली किराना दुकान की returns फाइल कर सकता है?
नहीं। Composition dealers CMP-08 और GSTR-4 फाइल करते हैं, और HelloBooks वो फाइल नहीं करता। ये regular scheme वाली दुकानों के लिए GSTR-1 और GSTR-3B फाइल करता है।
क्या मुझे composition से regular में जाना चाहिए?
जाइए अगर आपके बिज़नेस ग्राहक ITC चाहते हैं, खरीद पर आप बहुत GST भरते हैं, या अपने राज्य के बाहर बेचना चाहते हैं। इनमें से कुछ लागू नहीं, तो composition अक्सर आसान है। पहले पूरे साल के आँकड़े अपने CA के साथ मिला लीजिए।
क्या GSTR-1 में हर ग्राहक का बिल लिस्ट करना पड़ता है?
नहीं। अपने राज्य के अंदर आम ग्राहकों को हुई बिक्री rate-wise summary में जाती है। सिर्फ़ B2B invoice एक-एक करके लिस्ट होते हैं।
क्या किराना के लिए साल के 200 ट्रांज़ैक्शन काफ़ी हैं?
सिर्फ़ तब, जब आप monthly sales summary डालें और supplier bills कम हों। ज़्यादातर चलती दुकानों को ₹499/महीना वाला Pro चाहिए होगा।
क्या packaged आटे पर अब टैक्स है?
Pre-packaged और labelled आटा, चावल और दाल आमतौर पर 5% पर हैं, जबकि खुले, बिना ब्रांड वाले nil हैं। बिल काटने से पहले HSN की शर्तें चेक कर लीजिए।
पहले scheme वाला सवाल सुलझाइए। वो तय हो गया तो किराना GST की बाकी हर चीज़ आसान हो जाती है।
फ्री में शुरू कीजिए — GST फाइलिंग शामिल, कोई कार्ड नहीं। Try HelloBooks Free
